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Friday, 2 August 2019

जीवन क्या है

इस रात की सुबह नई।
जीवन क्या है?
कोई न जाने।
जो जाने, पछताए
सूरज का सातवां घोड़ा
उषा को पकड़े,
लेकिन, किन्तु, परंतु, बंधु
माटी का पुतलाही,
माटी के पुतलेको तोड़े!
"र" सबसे अच्छा और उसीसे "स" बने
लेकिन, किन्तु, परंतु, बंधु
"स" से "श" और "श" से "ष' बड़ा नही
पर हवा ज्यादा देता है।
श्रावण में द्रावण का महत्व रावण ने नही बनाया।
अहिरावण खुद पाताल में था।
पृथ्वी पर तो दशरथ और दशानन दोनो थे।
पर लवणासुर को शत्रुघ्न ने हराया।
औचित्य तो एकाक्षर कोष का था, है और रहेगा।
ऐसे ही राम "नमः शिवाय" के पहले "ओम" नहीं कहते।
आजके जमाने मे कुश:द्विप पर
कृष्ण का पता मुझे नही मालूम।

जिगर महेता / जैगीष्य