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Sunday, 10 March 2019

वान ऊर्जावान

खो खो मत खेल
चलक चलानी बहेतर था
जो कुछ भी "था",
लेकिन 'था",
हे मन मनन है
कहो मन क्या खेले अब
"है" की परिभाषा अजब गजब
अग जब जब अंग
पसीना बहाने भी खेले
प्रताडित ऊर्जा प्रतिपादनों से
शरीर अवनि पर खेलने देगी
शर्त है कि वान गौरसे
अविरत अनंत तक उर्जावान हो

जैगीष्य जिगर